Sunday, August 13, 2017

"मन खट्टा"....राजेश”ललित”शर्मा


मन खट्टा हो गया
चल यार
कैसी बात करता है
मन कभी मीठा हुआ
कभी सुना क्या?
नहीं न
यूँ ही जमी रहेगी दही
रिश्तों की
खटास रहेगी ही
चाहे जितना डालो चीनी
फिर मन खट्टा
हुआ तो हुआ
क्या करें?????
-राजेश”ललित”शर्मा

4 comments:

  1. वाह, बहुत खूब

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  2. मन खट्टा हुआ तो हुआ करे !!

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  3. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल सोमवार (14-08-2017) को "छेड़छाड़ से छेड़छाड़" (चर्चा अंक 2696) (चर्चा अंक 2695) पर भी होगी।
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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